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भेदभाव को समझना

भेदभाव क्या है?

भेदभाव वह होता है जब किसी व्यक्ति से उसकी पहचान के आधार पर गलत तरीके से व्यवहार किया जाता है या दूसरों के बीच उसे मौके नहीं दिए जाते हैं।
किसी विद्यार्थी के साथ भेदभाव इन आधारों पर किया जा सकता है:

  • लिंग और लैंगिकता
  • जाति और धर्म
  • आर्थिक स्थिति
  • भाषा
  • शारीरिक रंगरूप
  • शैक्षणिक प्रदर्शन / रैंक / स्कोर
  • ग्रामीण / शहरी पृष्ठभूमि
भेदभाव कैसे किया जाता है?

कभी-कभी भेदभाव स्पष्ट रूप से नजर आता है (अपमानित करना, गाली-गलौज), जबकि कई बार यह कपटपूर्ण तरीकों से भी किया सकता है (उनकी पहचान से चिढ़कर उन्हें अपने अध्ययनकक्ष या ग्रुप में न चाहना, उनसे परहेज करना या अलग-थलग रखना, उन्हें मौका न दिया जाना)।

"मेरे साथ भेदभाव किया जा रहा है।"

कोई फर्क नहीं पड़ता कि भेदभाव करने के क्या कारण हैं या क्या तरीका है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि भेदभाव करना कभी ठीक नहीं होता है। भेदभाव किए जाने से एक व्यक्ति तनावग्रस्त, खुद को असुरक्षित, गुस्सैल, शर्मिंदा या अकेला महसूस कर सकता है। उसे लगता है कि जैसे कि वह यहां के लिए है ही नहीं।

यदि आपको लगता है कि आपके साथ भेदभाव किया जा रहा है तो कृपया यह जान लीजिए।

  • यह ठीक या स्वीकार्य नहीं है।
  • आपको कैंपस में रहने और भेदभाव व असुरक्षा की भावना के बिना अध्ययन करने का अधिकार है।
  • ऐसे अनुभव का सामना करना आपकी गलती नहीं है या ऐसा भी नहीं है कि आप में किसी तरह की कमी हो। दरअसल यह आपके बारे में नहीं है, बल्कि यह गलत धारणाओं के बारे में है।

आप यह कर सकते हैं

  • आप इस तरह के कार्यों को भेदभावपूर्ण मानते हुए मदद ले सकते हैं।
  • आपको यह सब अकेले नहीं करना है, इसके लिए अपने दोस्तों, मेंटर, सहपाठियों या उन प्रोफेसरों से बात करें जिन पर आप भरोसा करते हैं। ऐसी स्थिति आने पर आप स्टूडेंट वेलनेस सेंटर के काउंसलर से बात कर मदद ले सकते हैं।
अगर मैं किसी के साथ भेदभाव होते देखता हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • संभव हो तो अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट करें।
  • उस छात्र की सहायता करें जिसे निशाना बनाया गया था। उसे याद दिलाएं कि यह उसकी गलती नहीं है और उसके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था।
  • कैंपस में मौजूद सहायता प्रणालियों के बारे में उन्हें बताएं।
  • जब वे आपे से बाहर हो रहे हैं, तो उनके भरोसेमंद दोस्तों और मेंटर से बात करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें या भावनात्मक सहारे के लिए छात्र कल्याण केंद्र पर लेकर जाएं।
जिनके साथ भेदभाव होता है उनके साथ मैं कैसे सहानुभूति जता सकता हूं?

एक युवा के रूप में अपने विशेषाधिकारों को स्वीकार करने के लिए एक पल सोचना आवश्यक है। हम में से कुछ को बेहतर लाभ और अवसर मिले, क्योंकि हम ऐसे समूहों से जुड़े हैं, जिन तक अन्य लोगों की पहुंच नहीं है। विशेषाधिकार का मतलब यह कतई नहीं है कि हमने किसी तरह की कठिनाई का सामना नहीं किया या अवसरों को चुनकर उनका बेहतर उपयोग करने या मील का पत्थर स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत नहीं की। इसका सीधा सा मतलब यह है कि हमें उन कुछ बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ा, जो दूसरों ने किया।

इन सब बातों के प्रति सचेत रहकर हम अधिक न्यायपूर्ण वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।