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तनाव से राहत पाने की तरीके

नियमित रूप से किए जाने वाले रिलैक्सेशन तरीकों के अभ्यासों से व्यक्तिगत तौर पर मानसिक स्वास्थ्य में बहुत लाभ मिलता है और इनका सकारात्मक प्रभाव पूरे जीवन दिखाई देता है। रिलैक्सेशन के तरीके विश्वविद्यालय के छात्रों में प्रभावी ढंग से तनाव को कम करने, मूड सुधारने, ध्यान को केंद्रित करने और अन्य चीजों में आत्मविश्वास बढाने में मदद करने के लिए जानी जाती है।

लगातार अभ्यास करने से दूसरे कौशलों की तरह, रिलैक्सेशन तकनीक भी बहुत प्रभावी होती है। जब आप पहले की अपेक्षा बेहतर महसूस कर रहे हों तब आप रोज (यहां तक कि सिर्फ 10 मिनट) इसका अभ्यास करें, इससे आपको तनाव के समय सकारमत्मकता लाने में मदद मिल सकती है।

तरीके

गहरी साँस लेना / पेट से साँस लेना

सचेत रहते हुए, धीमी, गहरी साँस लें और ऐसा करते समय अपने शरीर पर अपना ध्यान केंद्रित करें यह आराम महसूस करने के सबसे आसान तरीकों में से एक है।

यह कैसे काम करता है?

गहरी साँस लेने से शरीर को अधिक ऑक्सीजन लेने में मदद मिलती है और इससे आपके दिमाग को शांति मिलती है।

इससे मदद मिलती है:

हालांकि यह तरीका हर समय बहुत मदद कर सकता है, विशेष रूप से यह तब उपयोगी होता है जब आप कठिन भावनाओं या विचारों से घिरे होते हैं। यह तनाव दूर करने के अलावा आपकी मनोदशा सुधारने और संपूर्ण कल्याण में मददगार साबित होता है। साथ ही यह आपको स्वयं के शरीर से अधिक जुड़ा हुआ महसूस करने और वर्तमान में मौजूद रहने में भी मदद कर सकता है।

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गाइडेड इमेजरी

गाइडेड इमेजरी में प्रशिक्षकों द्वारा ऑडियो रिकॉर्डिंग्स का प्रयोग किया जाता है, स्वयं के द्वारा रिकॉर्डिंग की जाती है या अपनी सभी पांच इंद्रियों का उपयोग करके एक तनाव रहित दृश्य जिसमें जहां तक संभव हो वो सब विवरण की कल्पना करना संभव हो सकता है। यह दृश्य अलग-अलग लोगों के लिए अलग हो सकता है (जैसे समुद्र के किनारे बैठना या पहाड़ की चोटी से नीचे देखना या बगीचे में टहलना)।

यह कैसे काम करता है?

यह कल्पना तकनीक इस तथ्य का उपयोग करती है कि हमारे विचार हमारे महसूस करने के क्षमता को बहुत प्रभावित कर सकते हैं। जब हम सचेत रूप से एक ऐसी जगह के बारे में सोचते हैं जहां हमें सुकून मिले, तो इस विचार से हमें बहुत आराम मिलता हैं।

इसमें मदद करता है:

यह आराम पाने और जल्द बेहतर महसूस कराने के साथ-साथ समस्या का कारण जानने में भी मदद करता है।

सुरक्षित जगह का दृश्य मन में देखना

सुरक्षित जगह के दर्शन करना परिवर्तन का एक रूप है जिसमें आप विशेष रूप से एक ऐसे स्थान की कल्पना करते हैं जिसमें आप सुरक्षित और आराम महसूस करते हैं। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब आप बहुत ज्यादा परेशानी महसूस करते हैं और इसमें कठिन भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

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कंटेनर व्यायाम

कंटेनर एक्सरसाइज दृश्य को मन में देखने का एक और तरीका है, जिसमें एक सुरक्षित कंटेनर का एक चित्र मन में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जिसका उपयोग तनावपूर्ण विचारों, भावनाओं और यादों को इकट्ठा करने के लिए किया जा सकता है।

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ध्यान लगाना

ध्यान लगाना जागरूकता और दृष्टिकोण के निर्माण का अभ्यास है।

यह कैसे काम करता है?

कुछ लोगों को लगता है कि ध्यान करना अपने विचारों और भावनाओं को बंद कर देना है, मगर ऐसा नहीं है। ध्यान के अभ्यास से हम निर्णायक बने बिना या उन पर प्रतिक्रिया किए बिना अपने विचारों की पहचान करना सीखते हैं और समय के साथ उन्हें बेहतर तरीके से समझते हैं।

इसमें मदद करता है:

ध्यान करने से होने वाले लाभों में गहरा आराम, चिंता के समय मदद, लाभकारी भावनाओं में वृद्धि, बेहतर एकाग्रता, स्थिरचित्त होना जैसे कई लाभ शामिल है।

हांलाकि ध्यान कई तरीकों से किया जाता है, मगर इनमें से कुछ विशिष्ट उद्देश्यों के लिए किए जाते हैं।
उनमें से तीन की सामान्य जानकारी नीचे दी जा रही है:
माइंडफुलनेस मेडिटेशन

माइंडफुलनेस आपको वर्तमान समय में पूरी तरह से होने मोजूद होने और जो कुछ भी आप कर रहे हैं उसके साथ पूर्ण रूप से जुडा होने पर जोर देती है। यह अतीत या भविष्य के बजाय 'यहाँ और अब' के बारे में जागरूकता लाने के बारे में है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन वर्तमान के बारे में जागरूकता बनाए रखता है और उसी पर काम करता है। शुरुआत करते समय यह स्वाभाविक है कि आप अपने दिमाग में आने वाले दूसरे विचारों से विचलित हों। इसका उद्देश्य असहज विचारों और भावनाओं को अनदेखा करना या रोकना नहीं है, बल्कि नके प्रति हमारी प्रतिक्रिया को बदलना है जिसमें उन्हें स्वीकार करना और उनके जाल में फंसे बिना उन्हें निकल जाने देने शामिल हैं।

माइंडफुलनेस का यह घटक ध्यान लगाने के लगभग सभी तरीकों में मौजूद होता है।

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सांसों की जागरूकता से संबंधित मेडीटेशन

सांसों की जागरूकता से संबंधित मेडीटेशन में सांस को फोकस बिंदु के रूप में उपयोग किया जाता है। कुछ लोग धीमी, गहरी सांस पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोग अपनी सांसों को गिनना पसंद करते हैं।

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बॉडी स्कैन मेडिटेशन

इसमें तरह-तरह के मानसिक स्कैन होते हैं, इनमें शरीर के विभिन्न हिस्सों और विभिन्न अनुभूतियों, जैसे कि दर्द और असहजता पर सिलसिलेवार तरीके से ध्यान देना शामिल हैं।

यह कैसे काम करता है?

हम में से कई लोग तनाव से होने वाले सिरदर्द, पीठ दर्द और दूसरे होने वाले दर्द का अनुभव करते हैं, मगर कुछ लोग इस बारे में पूरी तरह से सचेत नहीं होते हैं या यह महसूस नहीं करते हैं कि तनाव और दर्द आपस में जुड़े हुए हैं। बॉडी स्कैन मेडिटेशन हमें यह जानने में मदद करता है कि हम अपने शरीर में क्या अनुभव कर रहे हैं और उसे बेहतर तरीके से पहचानने में मदद करता है।

इसमें मदद करता है:

यह तनाव से होने वाले शारीरिक लक्षणों के बारे में सचेतन रहने और उनका सामना करने में मदद कर सकता है।

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इसके अलावा, प्रकृति के साथ समय बिताएं, संगीत सुनें / यंत्र बजाएँ, जानवरों के साथ समय बिताएं। इससे भी आपके दिमाग को आराम मिलता है।

मदद तलाशिए

  • यदि आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो उपरोक्त अभ्यास शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह लें।
  • यदि आप उपरोक्त कुछ तरीकों को कर रहे हैं और फिर भी अपनी भावनाओं या शारीरिक परेशानी में ज्यादा सुधार महसूस नहीं कर रहे हैं, तो कृपया व्यक्तिगत सहायता के लिए स्टूडेंट वैलनेस सेंटर जायें।