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इसे पढ़ने में टालमटोल न करें!

राहुल को हर बार जब भी कोई नया असाइनमेंट मिलता, तो वह सोचता, 'मेरे पास अभी बहुत सारा समय है! मैं कल से इसे जरूर शुरू कर दूंगा ’। बाद में जब वह इस पर काम करने के लिए बैठता, तो पहले उसे अपने पसंदीदा टीवी धारावाहिक को देखने का मन करता और खुद से कहता कि "इस एक एपिसोड के बाद" काम करना शुरू कर दूंगा। हालांकि, धीरे-धीरे जब असाइनमेंट जमा करने की समय सीमा का ठीक एक दिन बचता, तो वह खुद को उसी परिचित स्थिति में पाता-रातभर जागकर काम करना, यह सोचते हुए कि उसके सामने फिर से ऐसी स्थिति क्यों बनी! उसे लगता कि वह इन दो स्थितियों के बीच फंस गया है 'काश, मैं पहले ही काम शुरू कर लेता!' और 'अगली बार ऐसा नहीं होगा' ।

विद्यार्थी के रूप में, हम में से ज्यादातर ने खुद को अक्सर ऐसी ही स्थितियों में पाया है। आखिरकार यह एक एक ऐसा फंदा है, जिसे तोड़कर बाहर निकलना आसान नहीं है!

शुरुआत
टालमटोल!

टालमटोल या हीलाहवाली करना तब होता है जब आप महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने में विलंब करते हैं और इसके बजाय कुछ सुखद लेकिन कम महत्व के कामों में संलग्न हो जाते हैं, यह जानने के बाद भी कि इसके परिणाम नकारात्मक होंगे। याद रखें कि टालमटोल करना केवल 'आलस्य' नहीं है।

क्या आप कुछ ऐसे उदाहरणों के बारे में सोच सकते हैं जहाँ आपने ऐसा किया हो?

मैं टालमटोल क्यों करता हूं?

लोग टालमटोल करते हैं इसके कई कारण हैं। इनमें से कौनसा आप पर ठीक बैठता है।

  • काम बहुत कठिन है और आप इससे व्याकुल महसूस करते हैं
  • काम एक बोझ लगता है या कुछ ऐसा लगता है कि जिसे आपको "करना है और नहीं" करना है।
  • आपको यह बहुत उबाऊ या नापसंद लगता है।
  • बहुत सी चीजें आपको पूरी करनी हैं और आप सुनिश्चित नहीं कर पाते कि कहां से शुरू करें।
  • बहुत ज्यादा ध्यान भटकाने वाला माहौल है।

हालांकि, कई महत्वपूर्ण कामों को निपटाते समय कुछ असुविधा महसूस होना स्वाभाविक है, जैसे किसी परीक्षा की तरह, इसे कुछ गहरे या कम स्पष्ट कारकों से और अधिक जटिल बना दिया जा सकता है, जैसे पर्याप्त आत्मविश्वास नहीं होना, कार्य को पूरा करने के बारे में चिंता करना, या डर लगना कि आप असफल होंगे । इसके फलस्वरूप असुरक्षा, हताशा, चिंता जैसी भावनाओं को चकमा देने के प्रयास में, हम अक्सर इसके बजाय अन्य सुखद गतिविधियों में संलग्न हो जाते हैं (जैसे इंटरनेट सर्फिंग, यूट्यूब देखना और गेम खेलना)। हालांकि हम थोड़े समय के लिए तो बेहतर महसूस करते हैं, लेकिन इसके अन्य परिणाम भी हैं, जैसे खुद को दोषी महसूस करना और बाद में ज्यादा परेशानी होना, जो लगातार टालमटोल करते रहने का कारण बनता है।

इससे निपटने के तरीके

टालमटोल करने की आदत से मैं कैसे निपट सकता हूं?

किसी भी चीज को टालने का रवैया आपकी उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है और यह आपके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में बाधा बन सकता है। अन्य आदतों की तरह इससे निपटना मुश्किल लग सकता है, लेकिन लगातार प्रयास के साथ इसे बदला जा सकता है।

ये कुछ तकनीक हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है:
अपने लक्ष्यों को लिखकर उन्हें पूरा करने की समय रेखा बनाएं

जो कुछ भी आप हासिल करना चाहते हैं, उसके बारे में स्पष्ट रहने से आपकी उत्पादकता में सुधार आएगा।

  • इस सप्ताह या इस महीने के लिए आपके लक्ष्य क्या हैं, इस बारे में सोचें और बस उन्हें किसी कागज पर सूचीबद्ध तरीके से लिख लें
  • आपातकालीन / महत्व के हिसाब से अपने लक्ष्यों को प्राथमिकता दें और इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन्हें छोटे-छोटे कामों में बांट दें। एक बड़े लक्ष्य के भीतर छोटे-छोटे कामों में से प्रत्येक के लिए समय सीमा और उप-समय सीमा के साथ एक निश्चित समयरेखा निर्धारित करें। (नीचे वर्कशीट देखें)

यदि आपके पास सीमित समय है (परीक्षा के लिए सिर्फ एक सप्ताह बचा है! मैं बैठकर ये लक्ष्य नहीं लिख सकता!), तो बस उन चीजों की एक सूची बना लीजिए, जिन्हें आपको महत्व के क्रम में करने की आवश्यकता है और उसी के लिए एक समयरेखा निर्धारित कर लीजिए।

पुरस्कारों की योजना बनाएं

जब आप कोई लिस्ट तैयार करते हैं और जिन कार्यों को आपने पूरा कर लिया है, उस पर टिक लगा देते हैं, तो यह आपकी प्रगति दिखाने वाला एक प्रतीक हो सकता है। यह आपको सकारात्मक गति प्रदान कर सकता है, लेकिन इसके लिए खुद को एक वास्तविक पुरस्कार दिया जाना भी जरूरी है। ये पुरस्कार अक्सर वही चीजें होती हैं जो हम टालमटोल के दौरान उपयोग करते हैं ( जैसे सोशल मीडिया का उपयोग / झपकी लेना / हल्की नींद लेना आदि) । इसमें चालाकी की बात यह है कि इनका उपयोग हम पूर्व नियोजित तरीके से ब्रेक लेने के बजाय इस तरह से करते हैं कि हमें वह सब करने में अपराधबोध भी नहीं रहता है।

परिपूर्णता - वर्कशीट
तुरंत काम शुरू कर दें

जैसे ही आपके पास कोई प्लान होता है तो इस बात को प्राथमिकता में रखें - आगे बढ़ें और तुरंत काम शुरू कर दें

  • ऐसे समय में प्रयोग करने की एक आसान लेकिन प्रभावी तरकीब है '5 मिनट का नियम'। जो कुछ भी हो उसे करने का निर्णय लें कि आप केवल 5 मिनट के लिए ही इसे करेंगे। इन 5 मिनटों के अंत में, मूल्यांकन करें कि आप इस काम के लिए क्या 5 मिनट और खर्च कर सकते हैं, और इसी तरह करते रहें। यदि आप इसे रोकना चाहते हैं, तो ऐसा करने के लिए आप स्वतंत्र हैं। अधिकांश लोगों में ऐसा होता है कि एक बार जब वे वास्तव में उस काम को शुरू कर देते हैं, तो फिर इसे जारी रखना आसान होता है और उनकी कोशिश रहती है कि इसे खत्म ही कर लिया जाए।
  • वैकल्पिक रूप से, आप समय सीमा भी निर्धारित कर सकते थे। एक निश्चित समय अवधि निर्धारित करें और उस अवधि
ध्यान केंद्रित करना

यदि आप नए काम की शुरुआत करते समय स्वयं को अशांत महसूस कर रहे हैं, तो कुछ लंबी व गहरी सांस लेने का अभ्यास करें। काम पर लौटने से पहले खुद को स्थिर करने और ध्यान केंद्रित करने के लिए अपनी सांस का उपयोग करें।

गहरी साँस लेने की तरकीब और अन्य रीलैक्सेशन तकनीकों के बारे में और अधिक जानकारी आप यहाँ से ले सकते हैं।

अपनी कार्ययोजना तैयार करने के लिए इस टेबल का उपयोग करें:
सप्ताह / महीने के लिए लक्ष्य
काम पूरा करने के लिए
इतना समय चाहिए
मेरा इनाम
इनाम की सीमाएं (जैसे समय सीमा, मात्रा की सीमाएं, आदि)
लक्ष्य 1
टास्क 1. ए
टास्क 1. बी
टास्क 1. सी
लक्ष्य 2
टास्क 2. ए
टास्क 2. बी
टास्क 2. सी

मेरे सामने आने वाली चुनौतियाँ / परेशानियाँ:

इनसे निपटने के लिए मैं क्या करूँगा:

कुछ सुझाव और तरकीबें

वर्तमान क्षण में ही होने का अभ्यास करें और अन्य गतिविधियों में संलग्न होने के बजाय किसी काम के दौरान सामने आने वाली असुविधा का धैर्य से मुकाबला करें।
माइंडफुलनेस पर और अधिक जानकारी यहां से प्राप्त करें

ध्यान भटकाने वाली सभी चीजों को अनप्लग कर और हटाकर सही वातावरण बनाएं। अपने सबसे अधिक उत्पादक घंटों (सुबह जल्दी / रात का समय) को जानें और अपने लाभ के लिए अपने प्राकृतिक पैटर्न का उपयोग करें। पहले से ही योजना बना लें कि आप ध्यान भटकाने वाली चीजों और संभावित चुनौतियों से कैसे निपटेंगे। अपनी लालसाओं में लिप्त होने से पहले उसमें कुछ रुकावट खड़ी करने से भी मदद मिल सकती है (उदाहरण: उन ऐप्स को लॉक कर दें जिनका आप उपयोग करते हैं)

अपने कामों को और अधिक मजेदार बनाएं। फ्लैशकार्ड का उपयोग करते हुए काम को एक गेम में बदल दें, अपने आप को चुनौती दें।

कामों को बड़ा पहाड़ खड़ा होने से रोकने के लिए उसके छोटे रहने के दौरान ही निपटाना शुरू कर दें।

अपनी योजनाओं के बारे में किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताएं। यह न केवल आपको अधिक जवाबदेह बना देगा, बल्कि कठिनाई के समय में सहारे के लिए भी आप उस व्यक्ति पर भरोसा कर सकते हैं।

अपने कार्यों के लिए स्वयं को जवाबदेह रखें लेकिन पूर्व में आपके द्वारा की गई टालमटोल के लिए खुद पर सख्ती न बरतें। आत्म-करुणा का अभ्यास करें। स्वयं के प्रति आलोचनात्मक विचारों को कुछ अन्य उपयोगी विचारों के साथ बदलें (जैसे मैं परेशान हूं कि मैंने आज कोई काम नहीं किया है; जो अच्छा नहीं हुआ, उससे मैं क्या सीख सकता हूं इसलिए मैं कोशिश कर सकता हूं कि कल नहीं दोहराऊंगा?)

भावनात्मक समय यात्रा: जब आप पहचानते हैं कि आप टालमटोल करते हैं, तो भविष्य में अपने बारे में सोचते हुए कल्पना करें कि एक बार काम पूरा कर लेने के बाद आप कितना अच्छा महसूस करेंगे। कल्पना करें कि, आप कोई काम पूरा कर लेने में सफल हुए हो, खुद को इस सफलता का अनुभव करने दें। और इस अनुभव को काम अभी ही शुरू करना है के मोटिवेटर के रूप में उपयोग करें।

मदद तलाशिए

यदि इनमें से कोई भी तरीका आपके लिए काम नहीं कर रहा है, तो कृपया मदद के लिए पहुंचें!
  • अन्य आदतों की तरह, टालमटोल रवैये को लगातार प्रयास के साथ बदला जा सकता है। यदि आपको इसके लिए सहायता की आवश्यकता है, तो कृपया समर्थन के लिए पहुंचें।
  • शैक्षणिक मामलों के लिए, आपके संपर्क का पहला बिंदु संकाय सलाहकार हो सकता है। विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में आपके कोई विशेष प्रश्न भी हो सकते हैं, ऐसी स्थिति में आप अपने संबंधित पाठ्यक्रम प्रशिक्षक से बात कर सकते हैं। डीएएमपी मेंटर (यदि कोई है) तो वह भी आपकी मदद करेगा।
  • आईएसएमपी / आईएससीपी मेंटर के पास पहुंचना चाहिए! टालमटोल की प्रवृत्ति के बारे में बात करनी हो या कोई अन्य कारण। आपका मेंटर वहीं है, जो ऐसी समस्याओं को संभालता रहा है। उनके बात करने में झिझकें नहीं।
  • यदि आप पूरी तरह हार मान चुके हैं और कुछ भी मदद मिलती नजर नहीं आ रही है तो स्टूडेंट वेलनेस सेंटर के काउंसलर से बात करने से आपको राहत मिल सकती है और आगे आप क्या कर सकते हैं, वे इस बारे में आपको मार्गदर्शन दे सकते हैं।
  • अंतिम लेकिन निश्चित रूप से कम से कम नहीं, आपके माता-पिता आपसे सिर्फ एक कॉल की ही दूरी पर हैं। इसलिए यदि आप मन हल्का करना चाहते हैं, तो उनसे बातचीत करने से पीछे न हटें।